Class 10th History Chapter 1 Subjective Question

Class 10th History Chapter 1 Subjective Question || यूरोप में राष्ट्रवाद बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं

Class 10th History Chapter 1 Subjective Question

इस पोस्ट में इतिहास अध्याय 1 के बुक से जितने भी Objective, Subjective और Fill In The Blanks दिए गए है उनका 100% Right और सबसे आसान भाषा के साथ उत्तर दिया गया है आप चाहे तो बुक से भी मिला कर पढ़ सकते है

Class 10th History Chapter 1 Notes Bihar Board

 

वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Question For Book)
Q1. इटली एवं जर्मनी वर्त्तमान में किस महादेश के अंतर्गत आते हैं?
(क) उत्तरी अमेरिका 
(ख) दक्षिणी अमेरिका 
(ग) यूरोप 
(घ) पश्चिमी एशिया 
सही उत्तर: (ग) यूरोप
Full Details :- भौगोलिक दृष्टि से इटली और जर्मनी दोनों यूरोपीय महाद्वीप (Europe Continent) के महत्वपूर्ण देश हैं। 19वीं शताब्दी में ये कई छोटे राज्यों में खंडित थे, जिनका बाद में एकीकरण हुआ।

Q2. फ्रांस में किस शासक वंश की पुनर्स्थापना वियना कांग्रेस द्वारा की गई थी?
(क) हैब्सबर्ग 
(ख) ऑर्लिया वंश 
(ग) बूर्बो वंश 
(घ) जार शाही 
सही उत्तर: (ग) बूर्बो वंशFull Details: 1815 ई. के वियना सम्मेलन (वियना कांग्रेस) के बाद नेपोलियन युग का अंत हुआ और यूरोप के रूढ़िवादी देशों ने फ्रांस में क्रांति से पहले के बूर्बों राजवंश को फिर से गद्दी सौंप दी, जिसके तहत लुई 18वाँ फ्रांस का राजा बना।

Q3. मेजिनी का सम्बन्ध किस संगठन से था?
(क) लाल सेना 
(ख) कर्बोनरी 
(ग) फिलिक हेटारिया 
(घ) डायट 
सही उत्तर: (ख) कर्बोनरी
Full Details: मेजिनी गुप्त क्रांतिकारी संगठन ‘कर्बोनरी’ का सदस्य था, जिसकी स्थापना 1810 में हुई थी। बाद में मेजिनी ने इटली के युवाओं को एकजुट करने के लिए 1831 में ‘यंग इटली’ नामक संस्था खुद बनाई थी।

Q4. इटली एवं जर्मनी के एकीकरण के विरुद्ध निम्न में कौन था?
(क) इंग्लैण्ड 
(ख) रूस 
(ग) ऑस्ट्रिया 
(घ) प्रशा 
सही उत्तर (ग) ऑस्ट्रिया
Full Details: ऑस्ट्रिया का चांसलर मेटरनिक एक घोर प्रतिक्रियावादी नेता था। वह नहीं चाहता था कि इटली और जर्मनी में राष्ट्रवाद फैले और वे एकजुट हों, क्योंकि इन क्षेत्रों पर ऑस्ट्रिया का अप्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष नियंत्रण था।

Q5. ‘काउंट काबूर’ को विक्टर इमैनुएल ने किस पद पर नियुक्त किया?
(क) सेनापति 
(ख) फ्रांस में राजदूत 
(ग) प्रधानमंत्री 
(घ) गृहमंत्री 
सही उत्तर: (ग) प्रधानमंत्री
Full Details: सारडीनिया-पीडमोंट के राजा विक्टर इमैनुएल ने 1852 ई. में काउंट काबूर को अपना प्रधानमंत्री नियुक्त किया। काबूर एक चतुर राजनीतिज्ञ था, जिसने इटली के एकीकरण को कूटनीतिक दिशा दी।

Q6. गैरीबाल्डी पेशे से क्या था?

(क) सिपाही

(ख) किसान

(ग) जमीन्दार

(घ) नाविक 
सही उत्तर: (घ) नाविक
Full Details: गैरीबाल्डी पेशे से एक जहाज़ी/नाविक था। उसने अपनी देशभक्ति और साहस की बदौलत ‘लाल कुर्ती’ (Red Shirts) नामक सशस्त्र सेना बनाई और इटली के दक्षिणी भाग (सिसली तथा नेपल्स) को आज़ाद कराया।

Q7. जर्मन राईन राज्य का निर्माण किसने किया था?
(क) लुई 18वां

(ख) नेपोलियन बोनापार्ट

(ग) नेपोलियन III

(घ) बिस्मार्क 
सही उत्तर: (ख) नेपोलियन बोनापार्ट
Full Details: नेपोलियन बोनापार्ट ने जर्मनी के क्षेत्रों को जीतकर वहाँ के 39 छोटे-बड़े राज्यों को मिलाकर ‘जर्मन राईन संघ’ (Rhine Confederation) का गठन किया था, जिसने जर्मन लोगों में राष्ट्रीय एकता की भावना जगाई।

Q8. “जालवेरिन” एक संस्था थी?
(क) क्रांतिकारियों की

(ख) व्यापारियों की

(ग) विद्वानों की

(घ) पादरी सामतों की 
सही उत्तर: (ख) व्यापारियों की
Full Details: जालवेरिन (Zollverein) जर्मनी के प्रसा राज्य की पहल पर बनाया गया एक ‘आर्थिक व्यापारिक शुल्क संघ’ था। इसने विभिन्न जर्मन राज्यों के बीच व्यापारिक बाधाओं को दूर कर आर्थिक रूप से उन्हें एकजुट किया।

Q9. “रक्त एवं लौह” की नीति का अवलम्बन किसने किया था?
(क) मेजिनी

(ख) हिटलर

(ग) बिस्मार्क

(घ) विलियम-I 
सही उत्तर: (ग) बिस्मार्क
Full Details: प्रसा के चांसलर बिस्मार्क का मानना था कि जर्मनी का एकीकरण आदर्शवादी भाषणों से नहीं, बल्कि मजबूत सैन्य शक्ति और युद्ध से होगा। इसी सैन्य-प्रधान कूटनीति को ‘रक्त एवं लौह’ (Blood and Iron) की नीति कहा जाता है।

Q10. फ्रैंकफर्ट की संधि कब हुई?
(क) 1864

(ख) 1866

(ग) 1870

(घ) 1871 
सही उत्तर: (घ) 1871
Full Details: 10 मई 1871 को फ्रांस और प्रसा (जर्मनी) के बीच ऐतिहासिक ‘फ्रैंकफर्ट की संधि’ हुई थी। यह संधि सेडान के युद्ध (1870) में फ्रांस की करारी हार के बाद हुई, जिसके साथ ही जर्मनी का एकीकरण पूरा हुआ।

Q11. यूरोप वासियों के लिए किस देश का साहित्य एवं ज्ञान-विज्ञान प्रेरणास्त्रोत रहा?
(क) जर्मनी

(ख) यूनान

(ग) तुर्की

(घ) इंग्लैंड 
सही उत्तर: (ख) यूनान
Full Details: यूनान (Greece) को यूरोपीय सभ्यता का ‘पालना’ कहा जाता है। यहाँ का प्राचीन दर्शन, कला, साहित्य, विज्ञान और चिकित्सा पूरे यूरोप के पुनर्जागरण और आधुनिक सोच का मुख्य आधार बने थे।

Q12. 1829 ई० की एड्रियानोपुल की संधि किस देश के साथ हुई?
(क) तुर्की

(ख) यूनान

(ग) हंगरी

(घ) पोलैंड 
सही उत्तर: (क) तुर्की
Full Details: 1829 ई. में रूस और तुर्की (ऑटोमन साम्राज्य) के बीच ‘एड्रियानोपुल की संधि’ हुई थी। तुर्की की हार के बाद हुई इस संधि ने यूनान (ग्रीस) की पूर्ण स्वतंत्रता का रास्ता साफ कर दिया था।

 

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रिक्त स्थानों को भरें (Fill in the Blanks)
………… के युद्ध में ही एक महाशक्ति के पतन पर दूसरी यूरोपीय महाशक्ति जर्मनी का जन्म हुआ था।
सेडोवा का युद्ध ………… और ……….. के बीच हुआ था।
1848 ई० की फ्रांसीसी क्रांति ने मेटरनिख युग का भी अंत कर दिया।
वेटिकन सिटी के राजमहल, जहाँ ……….. रहते थे जो इटली के ……………… से बचा रहा।
यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित करने के बाद बवेरिया के शासक …………. को वहाँ का राजा घोषित किया गया।
हंगरी की राजधानी ……………… है।
Answer :- 1. सेडॉन 2. ऑस्ट्रिया और प्रशा 3. मेटरनिख 4. पोप, प्रभाव/अधिकार 5. ओटो 6. बुडापेस्ट

 

 

समूहों का सही मिलान (Match the Following)
(I)
मेजिनी →(ख) इटली
हीगेल →(क) दार्शनिक
बिस्मार्क →(घ) जर्मन चांसलर
विक्टर इमैनुएल →(ग) राजनीतिज्ञ
(II)
वियना सम्मेलन →(घ) 1815 ई०
मेटरनिख का पतन →(ग) 1848 ई०
इटली एकीकरण →(क) 1871 ई०
सेडॉन युद्ध →(ख) 1870 ई०
(III)
कोसुथ →(ख) हंगेरियन राष्ट्रवादी नेता
एड्रियानोपल की संधि →(ग) 1829 ई०
यूनान की स्वतंत्रता →(घ) 1832 ई०
पोलैण्ड में आन्दोलन →(क) 1863 ई०

अतिलघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर ( लगभग 20 शब्दों में उत्तर दें )

1. राष्ट्रवाद क्या है?
उत्तर :- अपने देश के प्रति प्रेम, एकता और समर्पण की भावना को राष्ट्रवाद कहते हैं। यह एक ऐसी सामाजिक और राजनीतिक भावना है जो किसी भौगोलिक क्षेत्र के लोगों को आपस में जोड़े रखती है।

 

2. मेजिनी कौन था?
उत्तर :- मेजिनी इटली का एक महान राष्ट्रवादी नेता, साहित्यकार और गणतांत्रिक विचारों का समर्थक था। उसने इटली के एकीकरण के लिए ‘यंग इटली’ (1831) नामक संस्था की स्थापना की थी।

3. जर्मनी के एकीकरण की बाधाएँ क्या थीं?
उत्तर :- जर्मनी के एकीकरण में प्रमुख बाधाएँ थीं 
(i) उसका लगभग 300 छोटे-बड़े राज्यों में बँटा होना
(ii) वहाँ के लोगों में राष्ट्रवाद की कमी तथा ऑस्ट्रिया का दखल व हस्तक्षेप होना।

4. मेटरनिक युग क्या है?
उत्तर :- 1815 ई. (वियना कांग्रेस) से लेकर 1848 ई. की क्रांति के बीच के काल को यूरोपीय इतिहास में मेटरनिक युग कहा जाता है। इस दौरान ऑस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिक ने यूरोप में पुरानी रूढ़िवादी व्यवस्था बनाए रखी।

लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर (60-70 शब्दों में) दिए गए हैं:

1. 1848 की फ्रांसीसी क्रांति के कारण क्या थे?
उत्तर :- 1848 की फ्रांसीसी क्रांति का मुख्य कारण राजा लुई फिलिप की कमजोर और नीतिहीन सरकार थी। उसने गिजो को अपना प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जो एक कट्टर प्रतिक्रियावादी था और किसी भी सुधार के खिलाफ था। लुई फिलिप के शासनकाल में देश में भुखमरी, बेरोजगारी और भीषण आर्थिक संकट पैदा हो गया। सुधारवादियों द्वारा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने और जनता के आक्रोश के कारण यह क्रांति हुई, जिसने राजशाही को समाप्त कर दिया।

2. इटली और जर्मनी के एकीकरण में ऑस्ट्रिया की भूमिका क्या थी?
उत्तर :- इटली और जर्मनी के एकीकरण में ऑस्ट्रिया सबसे बड़ी बाधा और खलनायक था। ऑस्ट्रिया का चांसलर मेटरनिक एक कट्टर रूढ़िवादी नेता था, जो दोनों देशों में राष्ट्रवादी भावनाओं को दबाकर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता था। इटली के लोम्बार्डी और वेनेशिया पर ऑस्ट्रिया का सीधा कब्ज़ा था, जबकि जर्मनी के छोटे राज्यों पर भी उसका दबदबा था। जब तक युद्धों (जैसे सेडोवा का युद्ध) के जरिए ऑस्ट्रिया को बाहर नहीं खदेड़ा गया, तब तक दोनों देशों का एकीकरण असंभव बना रहा।

3. यूरोप में राष्ट्रवाद फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट किस तरह सहायक हुआ?
उत्तर :- नेपोलियन बोनापार्ट ने अनजाने में ही सही, लेकिन यूरोप में राष्ट्रवाद का बीज बोया। उसने इटली और जर्मनी को जीतकर वहाँ के छोटे-छोटे राज्यों को मिलाकर बड़े राजनीतिक संघ बनाए (जैसे जर्मनी में 39 राज्यों का राइन संघ)। उसने पूरे यूरोप में एक समान कानून व्यवस्था लागू की, जिससे लोगों में प्रशासनिक एकता की भावना जगी। नेपोलियन के सैन्य आक्रमणों के कारण यूरोपीय देशों की जनता में अपने देश की रक्षा के लिए देशभक्ति और एकजुटता की भावना पैदा हुई।

4. गैरीबाल्डी के कार्यों की चर्चा करें।
उत्तर :- गैरीबाल्डी इटली के एकीकरण का एक महान ‘तलवार’ (योद्धा) था। उसने ‘लाल कुर्ती’  नाम से अपने समर्थकों की एक सशस्त्र सेना बनाई। इस सेना की मदद से उसने इटली के दक्षिणी राज्यों—सिसली और नेपल्स पर आक्रमण करके वहाँ के तानाशाह बूर्बों राजवंश को उखाड़ फेंका और जनता को आज़ाद कराया। बाद में उसने अपनी सारी जीती हुई संपत्ति और राज्य को बिना किसी स्वार्थ के इटली के राजा विक्टर इमैनुएल को सौंप दिया और स्वयं एक साधारण किसान का जीवन जीने लगा।

5. विलियम 1 के बगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए असंभव था, कैसे?

उत्तर :- विलियम प्रथम के बिना बिस्मार्क के लिए जर्मनी का एकीकरण असंभव था क्योंकि विलियम ने ही बिस्मार्क की कूटनीतिक क्षमता को पहचानकर उसे प्रसा का चांसलर नियुक्त किया था। राजा स्वयं एक कुशल सैनिक था और उसने बिस्मार्क की ‘रक्त और लौह’ की नीति का पूरा समर्थन किया। जब प्रसा की संसद ने सैन्य बजट रोक दिया, तब भी विलियम ने संसद के विरोध की परवाह न करते हुए बिस्मार्क को सेना मजबूत करने और कड़े फैसले लेने की खुली छूट दी।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर ( लगभग 150 शब्दों में उत्तर दें )

1. इटली के एकीकरण में मेजिनी, कावूर और गैरीबाल्डी के योगदानों को बताएं।

उत्तर :- इटली के एकीकरण का श्रेय मेजिनी, कावूर और गैरीबाल्डी की त्रिमूर्ति को जाता है, जिन्हें क्रमशः इटली का दिल, दिमाग और तलवार कहा जाता है।
मेजिनी का योगदान :- मेजिनी ने इटली के लोगों में राष्ट्रवाद की भावना पैदा की। उसने 1831 में ‘यंग इटली’ नामक संस्था बनाई और युवाओं को एकजुट किया। यद्यपि उसके शुरुआती प्रयास असफल रहे, लेकिन उसने एकीकरण की वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार कर दी।
कावूर का योगदान :- काउंट कावूर एक कुशल कूटनीतिज्ञ था। उसने पीडमोंट-सारडीनिया के प्रधानमंत्री के रूप में इटली का आर्थिक और सैन्य विकास किया। उसने फ्रांस के साथ कूटनीतिक संधि करके ऑस्ट्रिया को युद्ध में हराया और लोंबार्डी को इटली में मिला लिया।
गैरीबाल्डी का योगदान :- गैरीबाल्डी ने अपनी ‘लाल कुर्ती’ सेना के दम पर इटली के दक्षिणी राज्यों—सिसली और नेपल्स पर विजय प्राप्त की। उसने देशहित में अपनी जीती हुई रियासतें राजा विक्टर इमैनुएल को सौंप दीं।
इन तीनों के सम्मिलित प्रयासों से अंततः 1871 में इटली का पूर्ण एकीकरण संभव हो सका।

2. जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका का वर्णन करें।

उत्तर :- जर्मनी के एकीकरण का वास्तविक सूत्रधार प्रसा का चांसलर ऑटो वॉन बिस्मार्क था। उसने कूटनीति और सैन्य शक्ति के बल पर जर्मनी का एकीकरण पूरा किया। बिस्मार्क का मानना था कि जर्मनी का एकीकरण भाषणों से नहीं, बल्कि ‘रक्त और लौह’ (Blood and Iron) की नीति से होगा। इसके लिए उसने प्रसा के राजा विलियम प्रथम के सहयोग से सेना को बेहद शक्तिशाली बनाया। उसने अपनी चतुर कूटनीति से जर्मनी के एकीकरण के मार्ग की सबसे बड़ी बाधा ऑस्ट्रिया को अलग-थलग कर दिया।
बिस्मार्क ने एकीकरण की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मुख्य रूप से तीन ऐतिहासिक युद्ध लड़े:
डेनमार्क से युद्ध (1864) :- श्लेसविग और होल्स्टीन राज्यों के लिए डेनमार्क को हराया।
सेडोवा का युद्ध (1866) :- ऑस्ट्रिया को पराजित कर जर्मन संघ से उसका प्रभाव हमेशा के लिए खत्म किया।
सेडान का युद्ध (1870) :- फ्रांस को करारी शिकस्त दी।
इसके बाद फ्रैंकफर्ट की संधि के तहत 1871 में वर्साय के महल में प्रसा के राजा विलियम प्रथम को सम्राट घोषित कर जर्मनी का एकीकरण पूरा हुआ।

3. राष्ट्रवाद के उदय के कारणों एवं प्रभावों की चर्चा करें।

उत्तर :- यूरोप में आधुनिक राष्ट्रवाद का उदय एक युगांतरकारी घटना थी, जिसने पूरी दुनिया के इतिहास को बदल दिया।
उदय के प्रमुख कारण:
फ्रांसीसी क्रांति (1789) :- इसने स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के विचारों को जन्म दिया, जिसने राजाओं के दैवीय अधिकारों को चुनौती दी।
नेपोलियन के सैन्य अभियान :- नेपोलियन ने विजित राज्यों में प्रशासनिक और कानूनी एकता स्थापित की, जिससे लोगों में साझा पहचान की भावना जगी।
मध्यम वर्ग का उदय :- औद्योगिक क्रांति के बाद उभरे शिक्षित मध्यम वर्ग ने रूढ़िवादी व्यवस्था और कुलीन वर्ग के विशेषाधिकारों का विरोध किया।
राष्ट्रवाद के प्रभाव:
नए राष्ट्रों का गठन :- राष्ट्रवाद के प्रभाव से ही इटली और जर्मनी जैसे बिखरे हुए क्षेत्रों का एकीकरण हुआ।
साम्राज्यों का पतन :- ऑस्ट्रिया-हंगरी और उस्मानी (ऑटोमन) जैसे बड़े बहुराष्ट्रीय साम्राज्य कमजोर होकर टूटने लगे।
उपनिवेशवाद का विरोध :- यूरोप से शुरू हुई यह भावना एशिया और अफ्रीका के देशों में भी फैली, जिससे वहाँ साम्राज्यवाद के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम शुरू हुए।

4. जुलाई 1830 की क्रांति का विवरण दें।

उत्तर :- फ्रांस की जुलाई 1830 की क्रांति देश में निरंकुश राजशाही के खिलाफ जनता का एक बड़ा विद्रोह था।
क्रांति की पृष्ठभूमि और कारण: वॉटरलू की हार के बाद फ्रांस में बूर्बों राजवंश की बहाली हुई और लुई 18वाँ राजा बना। उसके बाद 1824 में चार्ल्स दशम गद्दी पर बैठा, जो एक घोर प्रतिक्रियावादी और निरंकुश राजा था। उसने फ्रांस में उदारवादियों और राष्ट्रवादियों को दबाने के लिए पोलिग्नेक को अपना प्रधानमंत्री नियुक्त किया। पोलिग्नेक ने नागरिक अधिकारों को कुचलने के लिए 25 जुलाई 1830 को चार दमनकारी अध्यादेश (Ordinances) जारी किए, जिसके तहत प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई और प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया गया।
क्रांति और परिणाम :- इन अध्यादेशों के विरोध में पेरिस की जनता, विद्यार्थियों और बुद्धिजीवियों ने 27 जुलाई से सड़कों पर उतरकर ऐतिहासिक विद्रोह कर दिया, जिसे ‘तीन गौरवशाली दिन’ भी कहा जाता है। स्थिति बेकाबू होते देख चार्ल्स दशम गद्दी छोड़कर इंग्लैंड भाग गया। इस क्रांति के परिणामस्वरूप बूर्बों वंश का अंत हुआ और आर्लेयंस वंश के लुई फिलिप को संवैधानिक राजा बनाया गया।

5. यूनानी स्वतंत्रता आंदोलन का संक्षिप्त विवरण दें।

उत्तर :- यूनान (ग्रीस) का स्वतंत्रता संग्राम यूरोपीय राष्ट्रवाद के इतिहास की एक गौरवशाली घटना है, जिसने एक प्राचीन सभ्यता को विदेशी गुलामी से आज़ाद कराया।
आंदोलन के कारण :- यूनान सदियों से तुर्की के ऑटोमन (उस्मानी) साम्राज्य के अधीन था। फ्रांस की क्रांति और यूरोपीय राष्ट्रवाद से प्रेरित होकर यूनानियों के मन में भी आज़ादी की भावना जागी। यूनान का अतीत बहुत गौरवशाली था, इसलिए पूरे यूरोप के बुद्धिजीवियों, कलाकारों और कवियों (जैसे लॉर्ड बायरन) ने तुर्की के खिलाफ यूनान का समर्थन किया। 1821 में एलेक्जेंडर चिप्सिलांटी के नेतृत्व में विद्रोह की शुरुआत हुई।
युद्ध और स्वतंत्रता :- तुर्की के सुल्तान ने मिस्र की मदद से यूनानी राष्ट्रवादियों पर भयानक अत्याचार किए और विद्रोह को कुचलना चाहा। इसके बाद इंग्लैंड, फ्रांस और रूस ने मिलकर यूनान का साथ दिया। 1827 में ‘नवारिनो की खाड़ी के युद्ध’ में संयुक्त यूरोपीय सेना ने तुर्की की नौसेना को बुरी तरह हरा दिया। अंततः 1829 की एड्रियानोपल की संधि और 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि (Treaty of Constantinople) के द्वारा यूनान को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र घोषित कर दिया गया।

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